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Code : 182916
Date of publication : 13/7/2016 18:2
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अमेरिका परमाणु समझौते का पालन नहीं कर रहा है।

विदेशी मामलों की अमेरिकी समिति ने 11 जुलाई को प्रकाशित होने वाली अपनी रिपोर्ट में परमाणु समझौते के संबंध में ईरान पर धोखा देने का इल्ज़ाम लगाया है।


विलायत पोर्टलः विदेशी मामलों की अमेरिकी समिति ने 11 जुलाई को प्रकाशित होने वाली अपनी रिपोर्ट में परमाणु समझौते के संबंध में ईरान पर धोखा देने का इल्ज़ाम लगाया है। परमाणु समझौते के एक साल पूरे होने के मौक़े पर प्रकाशित होने वाली इस रिपोर्ट में आया है कि ईरान परमाणु समझौते की हर विशिष्टता से फ़ायदा उठायेगा लेकिन उसके बाद वह बहुत जल्द परमाणु हथियार हासिल करने के लिए कोशिश करेगा। यह रिपोर्ट ऐसी स्थिति में ईरान के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार कर रही है जब पश्चिम ईरान के परमाणु विषय को ईरान के प्रक्षेपास्त्रिक विषय से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। पिछले सप्ताह जर्मनी की आंतरिक सुरक्षा एजेन्सी ने इस संबंध में निराधार रिपोर्ट दी थी। इस एजेन्सी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में दावा किया कि ईरान ने ख़ूफ़िया तोर से परमाणु तकनीक व संसाधन प्राप्त करने की कोशिश की है। ईरान के संबंध में धोखा देने के शब्द का इस्तेमाल हक़ीक़त में एक तरह से परमाणु समझौते के बाद पश्चिम की दोमुहा नीतियों का औचित्य दर्शाना है जबकि बैंकिन्ग लेन-देन में विघ्न उत्पन्न करना और ईरान को बोइंग यात्री विमान को न बेचे जाने को सामने वाले पक्ष की ओर से परमाणु समझौते का उल्लंघन समझा जा रहा है। अमेरिकियों ने वचन दिया था कि वे परमाणु समझौते के संबंध में अपने वचनों का पालन करेंगे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया जबकि ईरान ने अपने सभी वचनों का अच्छी तरह पालन किया है और परमाणु ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय एजेन्सी के महानिदेशक यूकिया अमानों ने भी इस बात की पुष्टि की जबकि उनके अधिकांश दृष्टिकोण व बयान एकक्षीय होते हैं। यह बात इस हक़ीक़त की पुष्टि करती है कि अमेरिकी नीति वास्तविक धोखे और परमाणु समझौते में दिए गए वचनों के पालन न करने की कोशिश का उदाहरण है।
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तेहरान रेडियो


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