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Date of publication : 10/7/2016 17:52
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2003 में इराक़ पर अमेरीका और उसके घटकों का हमला झूठ की बुनियाद पर थाः स्पेन

ब्रिटेन में स्पेन के राजदूत ने कहा है कि साल 2003 में इराक़ पर अमेरीका और उसके घटकों के हमलों का औचित्य पेश करने के लिए सामूहिक हथियारों की उपस्थिति के बारे में तैयार की गई रिपोर्ट झूठी थी।


विलायत पोर्टलः ब्रिटेन में स्पेन के राजदूत ने कहा है कि साल 2003 में इराक़ पर अमेरीका और उसके घटकों के हमलों का औचित्य पेश करने के लिए सामूहिक हथियारों की उपस्थिति के बारे में तैयार की गई रिपोर्ट झूठी थी। शेनहुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में स्पेन के राजदूत फ़ेडरिको त्रियो ने, जो इराक़ पर फ़ौजी हमले के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री ख़ोज़े मारया अज़नार सरकार में रक्षामंत्री थे, स्पैनिश रेडियो ओंडासेरो से बात करते हुए कि चिलकॉट समिति ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की कड़ी आचोलन की है क्योंकि समिति का कहना है कि ब्रिटिश सरकार ने इराक़ जंग को रोकने के लिए ज़रूरी कोशिश नहीं की। स्पैनिश राजदूत ने कहा कि इराक़ में सामूहिक विनाश के शस्त्र नहीं थे जबकि अमेरीका और उसके घटक इसी दावे के साथ इराक़ पर हमले पर ज़ोर दे रहे थे। स्पेन सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, उस समय स्पेन सरकार ने अपने 1 हज़ार तीन सौ सैनिक इराक़ भेजे थे जो दस महीने तक इस देश में रहे। इस दौरान इराक़ में हिंसक कार्यवाहियों और हमलों में 11 स्पैनिश सैनिक भी मारे गए थे। चिलकॉट की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री ख़ोज़े मारया अज़नार ने उस समय चिली और मैक्सिको को जो सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्य थे, इराक़ पर हमले के लिए तैयार किया था। मालूम रहे कि अमेरीका के साल 2003 के नेतृत्व में इराक़ पर हुए हमले में चिलकॉट रिपोर्ट ने टोनी ब्लेयर के प्रधानमंत्री काल में ब्रिटेन की भूमिका को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन जंग में उतरने से पहले शांति स्थापित करने के तमाम हथकंडों को इस्तेमाल नहीं किया था।
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तेहरान रेडियो


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