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Code : 182859
Date of publication : 3/7/2016 1:12
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फ़ल्लूजा में ISIL से आज़ादी के बाद जुमे की पहली नमाज़ में शिया-सुन्नी एकता प्रदर्शन।

आतंकी गुट आईएसआईएल से इराक़ के फ़ल्लूजा नगर की आज़ादी के बाद इस नगर की पहली नमाज़ जुमा शिया व सुन्नी मुसलमानों ने मिलजुल कर एक साथ अदा की।

विलायत पोर्टलः आतंकी गुट आईएसआईएल से इराक़ के फ़ल्लूजा नगर की आज़ादी के बाद इस नगर की पहली नमाज़ जुमा शिया व सुन्नी मुसलमानों ने मिलजुल कर एक साथ अदा की। फ़ल्लूजा में शिया व सुन्नी मुसलमानों ने मज़हबी एकता का प्रदर्शन करते हुए एकजुट होकर नमाज़े जुमा इस शहर की जामा मस्जिद में अदा की। इराक़ में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के प्रमुख अब्दुल लतीफ़ हमीम ने इस मौक़े पर कहा कि फ़ल्लूजा की लड़ाई में आईएसआईएल की हार, तकफ़ीरी आतंकवादियों के मुक़ाबले में इराक़ी राष्ट्र की मूल्यवान कामयाबी थी। फ़ल्लूजा में इराक़ के शिया व सुन्नी मुसलमानों ने ऐसी हालत में एकता का प्रदर्शन करते हुए एक साथ मिलकर नमाज़े जुमा का आयोजन किया कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अलजुबैर ने इराक़ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए इस देश के स्वयं सेवी बल को भंग करने की मांग की थी। फ़ल्लूजा की लड़ाई में कामयाबी किसी एक गुट या धड़े की कामयाबी नहीं है बल्कि यह देश की अखंडता की रक्षा के लिए इराक़ के विभिन्न गुटों के आपसी सहयोग व एकजुटता का प्रदर्शन है। फ़ल्लूजा की कामयाबी ने यह दर्शा दिया कि स्थानीय और राष्ट्रीय क्षमताओं पर भरोसा करके देश में शांति व सुरक्षा स्थापित की जा सकती है और ख़तरों व धमकियों को दूर किया जा सकता है। इराक़ी गुटों की एकता व एकजुटता, आईएसआईएल आतंकवाद के ख़िलाफ़ इराक़ी जनता के मोर्चे को मज़बूती प्रदान करती है और इसी बात ने फ़ल्लूजा में इराक़ी बलों को ऐतिहासिक कामयाबी प्रदान की।
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तेहरान रेडियो


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