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کد خبر : 181234
تاریخ انتشار : 30/4/2016 17:36
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आतंकवाद के सिलसिले में अमेरिका और रूस की सोच बहुत अलग हैं।

रूस के विदेशमंत्री ने आतंकवाद को अच्छे और बुरे में बांटने पर आधारित अमेरिका की नीति को सतही बताया है।


विलायत पोर्टलः रूस के विदेशमंत्री ने आतंकवाद को अच्छे और बुरे में बांटने पर आधारित अमेरिका की नीति को सतही बताया है। लोवरोफ़ ने मॉस्को में इथोपिया के विदेशमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स में अमेरिका की उस नीति को सतही बताया जिसमें वह आतंकवादी गुटों को अच्छे और बुरे में बांटता है और तथाकथित सुधारवादी गुटों का आह्वान करता है कि वे आतंकवादी गुटों से दूर रहें। रूस के विदेशमंत्री ने सीरिया में रूस की उपस्थिति का मूल उद्देश्य आतंकवाद की जड़ से समाप्ति बताया और कहा कि अमेरिका के साथ होने वाली सहमति के आधार पर सीरिया में होने वाले युद्ध विराम में वे गुट शामिल नहीं हैं जो आईएसआईएल और जिब्हतुन्नुस्रा से संबंध रखते हैं और ख़ुद यह दोनों गुट जिन्हें सुरक्षा परिषद ने आतंकवादी कहा है। सीरिया में घोषित युद्ध विराम के संबंध में होने वाले समझौते के आधार पर आईएसआईएल और जिब्हतुन्नुस्रा और जो गुट इन दोनों गुटों से संबंधित हैं वे युद्ध विराम में शामिल नहीं हैं और जनेवा में होने वाली बातचीत में भी उन्हें भाग लेने का अधिकार नहीं है। अमेरिका और रूस के बीच होने वाली सहमति के बावजूद जिब्हतुन्नुस्रा से संबंधित और सऊदी अरब तथा तुर्की का समर्थन प्राप्त कुछ गुट जनेवा बातचीत में शामिल हैं और वे धमकी भी देते हैं। जनेवा बातचीत से रियाज़ के वार्ताकार प्रतिनिधिमंडल के निकल जाने को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है। रियाज़ के वार्ताकार प्रतिनिधिमंडल में विदेशों में रहने वाले सीरिया विरोधी हैं और वे इस बहाने से जनेवा वार्ता से निकल गए कि सीरियाई सेना ने इस देश के उत्तर और उत्तर पश्चिमी इलाक़ों पर अपने हमलों में वृद्धि कर दी है। आतंकवाद के संबंध में अमेरिका और सऊदी अरब की जो नीति है उससे आतंकवाद से मुकाबले में कोई सहायता नहीं मिल रही है और यह पहले से निर्धारित लक्ष्यों को व्यवहारिक बनाने की राजनीतिक शैली है। बहरहाल रूस और अमेरिका दोनों राजनीतिक ढंग से सीरिया संकट के हल पर ज़ोर देते हैं लेकिन व्यवहार में उनकी नीति समान नहीं है।
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तेहरान रेडियो


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