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आख़ेरत में अंधेपन का क्या मतलब है....

आख़ेरत की अधिकतर सज़ाएं आमाल का जिस्म की शक्ल में आने के बाद है, उसके दिल का अंधा होना, सामने ज़ाहिर हो कर उसके लिए अज़ाब और तकलीफ़ का कारण बन जाता है ...

अक़ीदे के उसूलों पर ध्यान रखना वाजिब है

ग़ौर व फ़िक्र द्वारा उसूले दीन की पहचान करना शरीयत के हुक्म से पहले अक़्ल के हुक्म के मुताबिक़ वाजिब है, और साफ़ शब्दों में यूं समझ लीजिए कि रिवायतें ...

शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!!

जब यज़ीद की फ़ौज कई दिनों तक पैग़म्बर स.अ. के शहर मदीने को लूट चुकी तो उसके बाद घर घर जा कर चेक करना शुरू किया कि कहीं कोई बच न गया हो, देखते देखते ए ...

फ़ितने के समय आम इंसानों और उलमा की ज़िम्मेदारी

फ़ितनों और बिदअतों के ज़ाहिर होने के समय आलिम को मैदान में उतरना चाहिए, अगर ख़ामोश रहा तो वह इब्ने लबून नहीं बल्कि लानत का हक़दार होगा, इसलिए जो भी ऐस ...

सदक़ा रोज़ी को बढ़ाता है

वाजिब सदक़े का मतलब ज़कात है, जो आज के दौर में कम ही लोगों पर वाजिब होती है (ईदुल फ़ितर के दिन फ़ितरे की शक्ल में निकलने वाली ज़कात के अलावा, क्योंकि ...

मीडिया, समाज और हमारा रोल

टी.वी. पर चलने वाले ऐडवरटाइज़ में तेज़ तर्रार, अल्ट्रा मार्डन और ख़ूबसूरत लड़कियां होती हैं, कोई भी चीज़ हो चाहे वह चाय की पत्ती, कोल्ड ड्रिंक, कैंडी, ...

झूठ दीन की निगाह में

बहादुर और निडर आदमी कभी झूठ नहीं बोलता, झूठे इंसान के बातिन में ऐसी रूही कमज़ोरी है जो उसको सेराते मुस्तक़ीम से हटा देती है, जो लोग अपने अंदर बुराई और ...

हज़रत नरजिस अ.स. एक मिसाली ख़ातून

रिवायतों और ऐतिहासिक तथ्यों ने इस बात को साफ़ शब्दों में बयान किया है कि जनाब नरजिस ख़ातून अ.स. का हसब और नसब रूम की बड़ी शख़्सियतों से मिलता है, आप य ...

नेक अख़लाक़ अहादीस की रौशनी में

पैग़म्बर स.अ. के ख़ादिम अनस से रिवायत है कि मैंने पैग़म्बर स.अ. की नौ साल तक ख़िदमत की, लेकिन इन नौ सालों में पैग़म्बर स.अ. ने एक बार भी मुझ से यह तक ...

महिलाओं के अधिकार, इस्लाम और आधुनिक कल्चर की निगाह में

हक़ीक़त यह है कि नई तहज़ीब और नई संस्कृति भी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को नहीं ख़त्म कर सकी और महिलाओं को उनकी असली हैसियत नहीं दिला सकी, हाल मे ...

इस्राईली दरिंदगी की वजह इस्लामी जगत की ख़ामोशी तो नहीं?

अमेरिका यहूदी अवैध राष्ट्र को बचाने के लिए हर महीने करोड़ो डॉलर ख़र्च करता है जिसकी रिपोर्ट कुछ साल पहले अमेरिकी अधिकारी की तरफ़ से जारी की गई थी, इस् ...

शबे 15 शाबान के आमाल

यह बहुत बरकत वाली रात है, इमाम जाफ़र सादिक़ अ.स. फ़रमाते हैं कि इमाम बाक़िर स.अ. से जब इस रात के बारे में पूछा गया तो आपने फ़रमाया कि यह रात शबे क़द् ...

शबे 15 शाबान के आमाल (1)

शबे नीम-ए-शाबान (शबे बरात) का बेहतरीन अमल इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत है, जिस से गुनाह माफ़ हो जाते हैं।

क़यामत क्यों ज़रूरी है?

अल्लाह आदिल है और उसके आदिल रहने के लिए ज़रूरी है कि इस दुनिया में ज़्यादातर अच्छे और बुरे लोग बराबर से दुनिया की नेमतों से फ़ायदा उठाते हैं बल्कि ऐसा ...

रिश्वत यानी समाज की बर्बादी

रिश्वत देना लेना या रिश्वत पहुंचाने के लिए दलाली करना हराम है, हाकिम, जज, सरकारी कर्मचारी या किसी भी पद पर बैठने वाले को बिना किसी लालच के अपने फ़र्ज़ ...

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