महिलाओं के अधिकार, इस्लाम और आधुनिक कल्चर की निगाह में

हक़ीक़त यह है कि नई तहज़ीब और नई संस्कृति भी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को नहीं ख़त्म कर सकी और महिलाओं को उनकी असली हैसियत नहीं दिला सकी, हाल में होने वाले हादसे और घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि ...

22 April 2019 04:11 pm1 Hit

इस्राईली दरिंदगी की वजह इस्लामी जगत की ख़ामोशी तो नहीं?

अमेरिका यहूदी अवैध राष्ट्र को बचाने के लिए हर महीने करोड़ो डॉलर ख़र्च करता है जिसकी रिपोर्ट कुछ साल पहले अमेरिकी अधिकारी की तरफ़ से जारी की गई थी, इस्लाम और मुसलमानों के विरुध्द साम्राज्यवादी ताक़तों ...

22 April 2019 03:41 pm0 Hit

शबे 15 शाबान के आमाल

यह बहुत बरकत वाली रात है, इमाम जाफ़र सादिक़ अ.स. फ़रमाते हैं कि इमाम बाक़िर स.अ. से जब इस रात के बारे में पूछा गया तो आपने फ़रमाया कि यह रात शबे क़द्र के अलावा सारी रातों से अफ़ज़ल है इसलिए इस रात अल ...

20 April 2019 04:19 pm184 Hit

शबे 15 शाबान के आमाल (1)

शबे नीम-ए-शाबान (शबे बरात) का बेहतरीन अमल इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत है, जिस से गुनाह माफ़ हो जाते हैं।

20 April 2019 04:12 pm137 Hit

क़यामत क्यों ज़रूरी है?

अल्लाह आदिल है और उसके आदिल रहने के लिए ज़रूरी है कि इस दुनिया में ज़्यादातर अच्छे और बुरे लोग बराबर से दुनिया की नेमतों से फ़ायदा उठाते हैं बल्कि ऐसा भी होता है नेक और शरीफ़ इंसान देखते रह जाते हैं औ ...

18 April 2019 07:24 pm0 Hit

रिश्वत यानी समाज की बर्बादी

रिश्वत देना लेना या रिश्वत पहुंचाने के लिए दलाली करना हराम है, हाकिम, जज, सरकारी कर्मचारी या किसी भी पद पर बैठने वाले को बिना किसी लालच के अपने फ़र्ज़ को निभाना चाहिए और अपनी ज़िम्मेदारी अदा करनी चाहि ...

18 April 2019 05:33 pm3 Hit

हर दौर में कर्बला के ज़ायरीन रहे हैं.....

कर्बला पैदल जाने वाले क़ाफ़िलों का सिलसिला इमामों के दौर से रहा है, हद तो यह है कि बनी उमय्या और बनी अब्बास के ज़ुल्म और अत्याचार के बावजूद इमाम हुसैन अ.स. के चाहने वालों ने कर्बला की ज़ियारत को नहीं ...

18 April 2019 05:19 pm2 Hit

हुसैन (अ.स.) आइए, दुनिया को कर्बला की फिर ज़रूरत है....

यज़ीद किसी शख़्स का नाम नहीं है बल्कि यज़ीद एक रवैये का नाम है और इसी तरह हुसैन (अ.स.) किसी एक शख़्स का नाम नहीं बल्कि एक मिशन, एक मक़सद, एक आइडियालॉजी और एक द्रष्टिकोण का नाम है, इमाम अ.स. ने मुझ जैस ...

18 April 2019 04:51 pm1 Hit

घाटे का सौदा

उमर इब्ने साद के जहन्नम की तरफ़ बढ़ते क़दम उन सभी लोगों के लिए सबक़ हैं जो अपने दौर के हाकिमों और बादशाहों को ख़ुश करने के लिए अपने ज़मीर को थपक कर सुला देते हैं और जब ज़मीर बेदार होता है तब बहुत देर ...

18 April 2019 03:42 pm2 Hit

विलायत और तौहीद का आपसी रिश्ता

इस्लाम की बुनियाद ही विलायत पर रखी गई है जैसाकि हदीस में ज़िक्र हुआ है कि इस्लाम की बुनियाद पांच चीज़ों पर है, नमाज़, ज़कात, रोज़ा, हज और विलायत।और इन पांचों में जितनी अहमियत विलायत को दी गई है किसी द ...

18 April 2019 03:09 pm3 Hit

चलो कर्बला चलें...

ज़ालिमों ने हर दौर में अपनी हद से आगे जाकर इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत से रोकने की जी तोड़ कोशिश की है लेकिन इमाम हुसैन अ.स. ने जिस अल्लाह के नाम और उसके दीन को उसके असली हालत पर बाक़ी रखने के लिए अज़ी ...

17 April 2019 06:50 pm3 Hit

इमाम हुसैन अ.स. की अज़ादारी अहले सुन्नत की निगाह में

इमाम हुसैन अ.स. और आपके वफ़ादार असहाब पर अज़ादारी करना केवल शियों से मख़सूस नहीं है बल्कि अहले सुन्नत भी आपकी शहादत पर ग़म को ज़ाहिर करते हैं, हालांकि उनके ग़म के ज़ाहिर करने का तरीक़ा अलग होता है, ले ...

17 April 2019 05:53 pm3 Hit

ज़ियारते आशूरा की फ़ज़ीलत

इमाम हुसैन अ.स. और कर्बला वालों की मारेफ़त और उनके मक़सद को समझने का एक बेहतरीन ज़रिया ज़ियारते आशूरा है जिसको हम सभी इन दिनों ताकीद के साथ पढ़ते हैं, अपनी क़ौम के जवानों के लिए ज़ियारते आशूरा की अहमि ...

17 April 2019 05:22 pm3 Hit

जनाब मुख़्तार की ज़िंदगी पर एक निगाह

अल्लामा इब्ने नुमा जनाब मुख़्तार के बारे में लिखते हैं, जनाब मुख़्तार ने बड़े बड़े कारनामे अपने नाम किए, वह ज़हीन, हाज़िर जवाब और ऊंची सोंच रखने वाले इंसान थे, बहुत सारी नेक सिफ़ात के मालिक और बेहद सख ...

17 April 2019 04:56 pm1 Hit

सब्र और ज़ुल्म के मुक़ाबले डटे रहना भी कर्बला का एक पैग़ाम है

कर्बला वालों की ज़िंदगी में भी सब्र और ज़ुल्म के सामने डट कर खड़े रहना ही दिखाई देता है, एक मंज़र वह है कि जब इमाम हुसैन अ.स. ने शबे आशूर अपनी बैअत उठा ली लेकिन असहाब कर्बला में रहने और इमाम अ.स. को अ ...

17 April 2019 04:40 pm1 Hit
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