बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून

इमाम अली अ.स. की शरीके हयात हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. की शहादत को लगभग 15 साल का समय गुज़र चुका था, इमाम अली अ.स. ने अपने भाई अक़ील को जो ख़ानदान और नस्लों की अच्छी पहचान रखते थे अपने पास बुला कर उनसे ...

24 April 2019 05:21 pm6 Hit

इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है?

मोमिन और काफ़िर जिन चीज़ों को भी ज़िंदगी के उस आख़िरी पल में देखेगा वह उसके आमाल के ही नतीजे में होगा, मोमिन और नेक अमल अंजाम देने वाला अल्लाह की करामतों को देखेगा और उस आख़िरी पल में दिल को सुकून पहु ...

24 April 2019 04:44 pm0 Hit

आख़ेरत में अंधेपन का क्या मतलब है....

आख़ेरत की अधिकतर सज़ाएं आमाल का जिस्म की शक्ल में आने के बाद है, उसके दिल का अंधा होना, सामने ज़ाहिर हो कर उसके लिए अज़ाब और तकलीफ़ का कारण बन जाता है, महशर में अल्लाह की निशानियां और मोमेनीन चमक रहे ...

24 April 2019 04:27 pm0 Hit

अक़ीदे के उसूलों पर ध्यान रखना वाजिब है

ग़ौर व फ़िक्र द्वारा उसूले दीन की पहचान करना शरीयत के हुक्म से पहले अक़्ल के हुक्म के मुताबिक़ वाजिब है, और साफ़ शब्दों में यूं समझ लीजिए कि रिवायतें और किताबें इस अक़्ल से समझने वाली दलील की पुष्टि ...

24 April 2019 03:48 pm1 Hit

शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!!

जब यज़ीद की फ़ौज कई दिनों तक पैग़म्बर स.अ. के शहर मदीने को लूट चुकी तो उसके बाद घर घर जा कर चेक करना शुरू किया कि कहीं कोई बच न गया हो, देखते देखते एक सिपाही एक घर में गया और माल व दौलत के बारे में प ...

24 April 2019 03:25 pm74 Hit

फ़ितने के समय आम इंसानों और उलमा की ज़िम्मेदारी

फ़ितनों और बिदअतों के ज़ाहिर होने के समय आलिम को मैदान में उतरना चाहिए, अगर ख़ामोश रहा तो वह इब्ने लबून नहीं बल्कि लानत का हक़दार होगा, इसलिए जो भी ऐसे मौक़ों पर यह सोच कर ख़ामोश बैठे हैं कि हम इब्ने ...

23 April 2019 05:20 pm8 Hit

सदक़ा रोज़ी को बढ़ाता है

वाजिब सदक़े का मतलब ज़कात है, जो आज के दौर में कम ही लोगों पर वाजिब होती है (ईदुल फ़ितर के दिन फ़ितरे की शक्ल में निकलने वाली ज़कात के अलावा, क्योंकि वह हर मुसलमान पर शर्तों के पूरे होने की सूरत में व ...

23 April 2019 04:39 pm13 Hit

मीडिया, समाज और हमारा रोल

टी.वी. पर चलने वाले ऐडवरटाइज़ में तेज़ तर्रार, अल्ट्रा मार्डन और ख़ूबसूरत लड़कियां होती हैं, कोई भी चीज़ हो चाहे वह चाय की पत्ती, कोल्ड ड्रिंक, कैंडी, हेयर क्लीनर, क्रीम, लोशन, फ़ेस वाश, ब्यूटी सॉप, ट ...

23 April 2019 04:22 pm9 Hit

झूठ दीन की निगाह में

बहादुर और निडर आदमी कभी झूठ नहीं बोलता, झूठे इंसान के बातिन में ऐसी रूही कमज़ोरी है जो उसको सेराते मुस्तक़ीम से हटा देती है, जो लोग अपने अंदर बुराई और कमज़ोरी का एहसास करते हैं वही झूठ बोलते हैं, डरपो ...

23 April 2019 03:53 pm16 Hit

हज़रत नरजिस अ.स. एक मिसाली ख़ातून

रिवायतों और ऐतिहासिक तथ्यों ने इस बात को साफ़ शब्दों में बयान किया है कि जनाब नरजिस ख़ातून अ.स. का हसब और नसब रूम की बड़ी शख़्सियतों से मिलता है, आप यशूआ की बेटी हैं जिनका हसब और नसब रूम के बादशाह क़ै ...

22 April 2019 05:42 pm44 Hit

नेक अख़लाक़ अहादीस की रौशनी में

पैग़म्बर स.अ. के ख़ादिम अनस से रिवायत है कि मैंने पैग़म्बर स.अ. की नौ साल तक ख़िदमत की, लेकिन इन नौ सालों में पैग़म्बर स.अ. ने एक बार भी मुझ से यह तक नहीं कहा कि तुम ने यह क्यों किया या तुम ने ऐसा क्य ...

22 April 2019 05:00 pm8 Hit

महिलाओं के अधिकार, इस्लाम और आधुनिक कल्चर की निगाह में

हक़ीक़त यह है कि नई तहज़ीब और नई संस्कृति भी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को नहीं ख़त्म कर सकी और महिलाओं को उनकी असली हैसियत नहीं दिला सकी, हाल में होने वाले हादसे और घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि ...

22 April 2019 04:11 pm16 Hit

इस्राईली दरिंदगी की वजह इस्लामी जगत की ख़ामोशी तो नहीं?

अमेरिका यहूदी अवैध राष्ट्र को बचाने के लिए हर महीने करोड़ो डॉलर ख़र्च करता है जिसकी रिपोर्ट कुछ साल पहले अमेरिकी अधिकारी की तरफ़ से जारी की गई थी, इस्लाम और मुसलमानों के विरुध्द साम्राज्यवादी ताक़तों ...

22 April 2019 03:41 pm0 Hit

शबे 15 शाबान के आमाल

यह बहुत बरकत वाली रात है, इमाम जाफ़र सादिक़ अ.स. फ़रमाते हैं कि इमाम बाक़िर स.अ. से जब इस रात के बारे में पूछा गया तो आपने फ़रमाया कि यह रात शबे क़द्र के अलावा सारी रातों से अफ़ज़ल है इसलिए इस रात अल ...

20 April 2019 04:19 pm196 Hit

शबे 15 शाबान के आमाल (1)

शबे नीम-ए-शाबान (शबे बरात) का बेहतरीन अमल इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत है, जिस से गुनाह माफ़ हो जाते हैं।

20 April 2019 04:12 pm140 Hit
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