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इस्राईल नामक कोई देश नहीं जिसकी राजधानी घोषित की जाये : किम जोंग उन नेतन्याहू को शिया घोषित कर दो क़ुद्स आज़ाद हो जायेगा : सुन्नी धर्मगुरु ईरान ने रचा कीर्तिमान, परमाणु बैटरी बनाने की क्षमता हासिल की : सालेही अमेरिका टुकड़ों मे बंटेगा, विनाश का कारण बनेंगे ट्रम्प ? ट्रम्प के साथ सऊदी तानाशाह और बिन सलमान के पुतले फूंके । अमेरिका, ब्रिटेन समेत 120 से अधिक देशों के आतंकी थे, ईरान का कोई नहीं : इब्राहीम जाफरी काबे की कमाई अपनी अय्याशी पर लुटाते आले सऊद । इस्राईल को लरज़ा देने वाला हिज़्बुल्लाह का वीर जवान शहीद। अमेरिकी दूतावासों को बंद करें मुस्लिम देश : मुक़्तदा सद्र बिन सलमान ने किया ट्रम्प के निर्णय का समर्थन । आले सऊद की यहूदी ग़ुलामी चरम पर, सऊदी नागरिकों को क़ुद्स का समर्थन न करने का आदेश ।
Thursday - 2017 December 14

क़ुरआन-अहलेबैत अ.

पैग़म्बर स.अ. और इमाम अली अ.स. में समानताएं

सूरए माएदा की आयत नं. 55 जिसमें इमाम अली अ.स. के पूर्ण अधिकार को बयान किया गया है, इस आयत के बारे में सभी मुफ़स्सिर एकमत हैं कि यह आयत इमाम अली अ.स. के बारे उस समय नाज़िल हुई जब आपने नमाज़ मे रुकूअ की हालत में एक फ़क़ीर को अंगूठी दी, इस आयत में वली का मतलब ज़ाहिरी और मानवी अधिकार और सरपरस्ती है, क्योंकि इस आयत में आपका वली होना अल्लाह और पैग़म्बर स.अ. के वली होने के साथ साथ ज़िक्र हुआ है, इसलिए यह आयत इमाम अली अ.स. की सरपरस्ती और पूर्ण अधिकार के बारे में है।

क़ुर्आन और अहलेबैत अ.स. में समानताएं

जिस तरह इमाम शफ़ाअत करेंगे क़ुर्आन भी शफ़ाअत करेगा, इमाम अली अ.स. फ़रमाते हैं कि तुम लोग क़ुर्आन की पैरवी करो क्योंकि क़ुर्आन ऐसा शफ़ाअत करने वाला है जिसकी शफ़ाअत अल्लाह क़ुबूल करेगा।

इमाम अली अ.स. एकता के महान प्रतीक

जब इमाम अली अ.स. से एक यहूदी ने इमामत और ख़िलाफ़त पर आपत्ति जताते हुए कटाक्ष किया कि तुम लोगों ने अपने पैग़म्बर स.अ. को दफ़्न करने से पहले ही उनके बारे में मतभेद शुरू कर दिए, तो आपने जवाब दिया कि, हमारा मतभेद पैग़म्बर स.अ. को लेकर बिल्कुल नहीं था, बल्कि हमारा मतभेद उनकी हदीस के मतलब को लेकर था, लेकिन तुम यहूदियों के पैर दरिया से निकल कर सूखे भी नहीं थे और तुम लोगों ने हज़रत मूसा अ.स. से कह दिया था कि बुत परस्तों की तरह हमारे लिए भी ख़ुदा का प्रबंध करो और फिर जवाब में हज़रत मूसा अ.स. ने तुम लोगों के बारे में कहा था कि तुम लोग कितने जाहिल और अनपढ़ हो।
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सीरिया में रूसी वायु सेना के अभियान को खुद कमांड कर रहे थे पुतिन : क्रेमलिन दुनिया की कोई ताक़त क़ुद्स को हमसे नहीं छीन सकती : हमास पैग़म्बर स.अ. और इमाम अली अ.स. में समानताएं एक महीने में ही मार दिए गये 7हज़ार रोहिंग्या मुसलमान । यूरोपीय देशों से अधिक मिसाइल हैं हिज़्बुल्लाह के पास : अवैध राष्ट्र ज़ायोनी उपद्रवियों ने किया मस्जिदे अक़्सा पर हमला । क़ुद्स पर क़ब्ज़ा कर मिस्र और सीरिया पर हमला करे ज़ायोनी राष्ट्र : आले सऊद फिलिस्तीन के राजधानी क़ुद्स में खुलेगा लेबनान का दूतावास : बासिल ओबामा और बुश का नौकर बनने के भी योग्य नहीं है ट्रम्प : यूएसए टुडे तल अवीव गये बहरैनी दल पर चले मुक़दमा : मुक़्तदा सद्र काबे की कमाई अपनी अय्याशी पर लुटाते आले सऊद । फिलिस्तीन की आज़ादी का एकमात्र उपाय है सशस्त्र संघर्ष : हिज़्बुल्लाह ज़ायोनी मंत्री ने दिया सऊदी युवराज को तल अवीव आने का न्यौता । क़ुद्स को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता दो तभी होगी शांति वार्ता : महमूद अब्बास ईरान से मुक़ाबले के लिए एक हों आले सऊद और अवैध राष्ट्र : ज़ायोनी युद्ध मंत्री मानसिक रोगी है ट्रम्प , अमेरिका मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन : बोलीविया ट्रम्प का नाम सुनते ही अमेरिकी लोगों के मन में उभरती है अजीब अजीब छवि । मुस्लिम देश अमेरिकी दूतों को निकाल बाहर करें : इस्राईली सांसद मिडिल ईस्ट का सबसे घृणित व्यक्ति है ज़ायोनी नेता नेतन्याहू बिन सलमान फिलिस्तीन का पश्चिमी तट अवैध राष्ट्र को सौंपने को तैयार । क़ुर्आन और अहलेबैत अ.स. में समानताएं सय्यद हसन नसरुल्लाह के बयान की गूंज, फिलिस्तीनी दलों ने अवैध राष्ट्र से संघर्ष पर बल दिया । 550 शहर और बस्तियों को ज़ायोनी अत्याचारियों ने मिट्टी में मिला दिया : अबू शरीफ सऊदी अतिक्रमण के कारण 80 लाख लोग भुखमरी और 10 लाख महामारी का शिकार : संयुक्त राष्ट्र सीरियन विद्रोही वास्तिवकता को स्वीकारें, उनका कोई अंतर्राष्ट्रीय समर्थक नहीं : दि मिस्तूरा हुज्जतुल इस्लाम सय्यद अली तक़वी के देहांत पर , सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का शोक सन्देश

हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई

Thursday 5 May 2016 क़ुद्स को अवैध राष्ट्र की राजधानी बनाने की बातें दुश्मन की हताशा, विजय फिलिस्तीनी प्रतिरोध की होगी : अयातुल्लाह ख़ामेनई
अमेरिका और अवैध ज़ायोनी राष्ट्र और उसके पिछलग्गू आज के फिरऔन हैं जो क्षेत्र में युद्ध की आग भड़काना चाहते हैं जिस का योजनाकार अमेरिका है खुद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि अवैध राष्ट्र की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में युद्ध की आग भड़काना बहुत ज़रूरी है ।

मराज-ए-तक़लीद से सम्बंधित समाचार

आयतुल्लाह सीस्तानी ने की ट्रम्प के फैसले की कड़ी आलोचना ।

इस निर्णय से इस बात पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा कि क़ुद्स को अवैध ज़ायोनी राष्ट्र ने अतग्रहित कर रखा है जो फिलिस्तीनियों का है और उन्हे मिलकर रहेगा ।

समाचार

सीरिया में रूसी वायु सेना के अभियान को खुद कमांड कर रहे थे पुतिन : क्रेमलिन

पेस्कोफ़ ने कहा कि सीरिया में कई वर्षों तक चला हमारा अभियान अपने उद्देश्यों की पूर्ति करने में सफल रहा है, आज सीरिया आतंकी तत्वों से साफ़ हो चुका है और इस देश में राजनैतिक समझौते का माहौल बन चुका है ।

12/14/2017 6:36:51 PM

दुनिया की कोई ताक़त क़ुद्स को हमसे नहीं छीन सकती : हमास

क़ुद्स , फिलिस्तीन और इस्लामी प्रतिष्ठा के लिए विरोध प्रदर्शन करने वालों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि हमारी जान, माल , नस्लें सब कुछ क़ुद्स पर क़ुर्बान हैं, हम अमेरिकी षड्यंत्र को मिट्टी में मिला देंगे ।

12/14/2017 6:08:00 PM

पैग़म्बर स.अ. और इमाम अली अ.स. में समानताएं

सूरए माएदा की आयत नं. 55 जिसमें इमाम अली अ.स. के पूर्ण अधिकार को बयान किया गया है, इस आयत के बारे में सभी मुफ़स्सिर एकमत हैं कि यह आयत इमाम अली अ.स. के बारे उस समय नाज़िल हुई जब आपने नमाज़ मे रुकूअ की हालत में एक फ़क़ीर को अंगूठी दी, इस आयत में वली का मतलब ज़ाहिरी और मानवी अधिकार और सरपरस्ती है, क्योंकि इस आयत में आपका वली होना अल्लाह और पैग़म्बर स.अ. के वली होने के साथ साथ ज़िक्र हुआ है, इसलिए यह आयत इमाम अली अ.स. की सरपरस्ती और पूर्ण अधिकार के बारे में है।

12/14/2017 4:53:50 PM

एक महीने में ही मार दिए गये 7हज़ार रोहिंग्या मुसलमान ।

इस साल 25 अगस्त से म्यांमार सेना ने बौद्ध आतंकियों के साथ मिलकर अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के विरुद्ध व्यापक हिंसा छेड़ी थी जिसके कारण लाखों लोगों ने भाग कर बांग्लादेश में पनाह लेकर अपनी जान बचाई ।

12/14/2017 4:28:43 PM

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घर-परिवार

बच्चों की सही तरबियत कैसे करें?

वालेदैन को यह भी समझना होगा कि, बच्चों के अंदर बहुत सी आदतें उनकी उम्र के मुताबिक़ होती हैं, जिसके लिए किसी तरबियत के उसूल की ज़रूरत नहीं होती है, जैसे एक उम्र पर पहुंच कर बच्चे में ज़िद बहुत हो जाती है, या इसी तरह एक उम्र में पहुंच कर बच्चें आज़ाद रहना चाहते हैं, इसलिए वालेदैन को समझना होगा कि किस उम्र की क्या ज़रूरत है, ऐसे मौक़े पर ग़ुस्सा कर के बच्चों पर बुरा प्रभाव मत डालें।